.

.

हे राम! कहॉं ये हम कहां आ गये हैं, क्या इस तरह ​होती है आराधना

सरस्वती पूजा पर मा.... छोट बाटे छेदा..... गीत बजा रहे हैं।
वाराणसी। शादी—विवाह सहित अन्य शुभ मुहूर्त में आज के समय में अश्लील गीत बजाना और अंगूर की बेटी की दो घुंट अपने हलक में उतारकर धूरपोतवा नृत्य तो आपलोग देखे ही होंगे लेकिन अब समाज इतना आगे जा चुका है कि लोग अब देवी—देवताओं के पूजा सहित अन्य माहौल पर भी डीजे के माध्यम से अश्लील गीत बजाकर वही प्रकिया अपना रहे हैं।
आज शायंकाल अपने घर पर था और गांव के माहौल में चहुओर सरस्वती पूजा पर विभिन्न प्रकार के आयोजन किये गये थे जिससे चारों तरफ से अलग—अलग ध्वनियां सुनाई दे रही थी लेकिन उसी में कई ध्वनियां ऐसी थी जो कान में जहर की तरह घुल रही थी और मन में बरबस ही यह प्रश्न उठ रहा था कि गांव की संस्कृति कभी ऐसी नहीं थी फिर आज हम कहॉ आ गये हैं। ऐसे ही कई सवाल दिमाग में कुरेदते रहे।
एक तरफ भोजपुरी गीत बज रहा था कि ओठलाली से रोटी बोर के...... वहीं एक जगह यह भी बज रहा था कि छोट बाटे छेदा पहिले अंगुरी घुसावे दा........... यह कहॉं पहुच गये हम। वास्तव में शर्म की बात है। यदि हम अभी नहीं चेते तो अपनी आने वाली पीढ़ी को हम कहॉ पहुचा देंगे इसका अंदाजा शायद किसी को नहीं है।
जो आप सोच रहे हैं उसका भी जवाब है सवाल सही है कि जब जनता ऐसा गीत सुनती है तो गीतकार और संगीतकार जानबूझ कर ऐसे संगीत बनाते हैं जिससे उनकी लोकप्रियता समाज में बनी रहे। .... तो जनाब इस सवाल का बस इतना सा जवाब है कि युवाओं को न्यूड फोटों देखने का बड़ा शौक रहता है और आज के समय में युवा पीढ़ी ही नये गीतों के प्रति ज्यादा आकर्षित है तो अपनी लोकप्रियता के लिये आप अपनी महिला सहकर्मी के साथ न्यूड ​सीन करना प्रारम्भ कर दीजिए। एक सप्ताह में आपकी लोकप्रियता आसमान छू देगी। लेकिन धिक्कार ऐसे गीतकार और संगीतकार पर जो गीत तो खुद लिखते हैं गाते हैं लेकिन उसे खुद अपने परिवार, बीबी—बच्चों के साथ नहीं सुनते।
टीस उठी है तो जनता पर ही क्यों नेताओं पर भी मन खुब भड़का गुस्से में मन ही मन खुब गालियां दिया और कर भी क्या सकता था और अन्त में सोचा कि यह लेख लिखकर आप लोगों तक अपनी बात पहुचा दिया जाय जिससे कम से कम कुछ लोग तो जागरूक हो ही सकते हैं। यदि इस लेख से एक भी व्यक्ति द्वारा भोजपुरी के अश्लील गीत को सुनना छोड़ दिया गया तो मैं मेरा प्रयास सार्थक माना जायेगा और मुझे बेहद खुशी मिलेगी।
नेताओं पर इसलिये मन भड़का कि इनके द्वारा ही यदि देश का सारा सिस्टम खड़ा है तो कहॉ गये मनोरंजन मंत्री क्या ये गंदे—गंदे गीत उनके परिवार पत्नी और बच्चों के सामनें बजाया जा सकता है। यदि हॉं! तो फिर मैं कुछ नहीं बोल सकता।
Previous
Next Post »
Thanks for your comment

VIP Breaking...